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600 करोड़ के निवेश से यूपी में 20 एकड़ जमीन पर बनेगा पहला डाटा सेंटर

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यूपी सरकार ने ‘शारदीय नवरात्रि’ से शुरू होने वाला छह महीने का महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम ‘मिशन शक्ति’ शुरू किया है और यह राज्य भर में अप्रैल में ‘चैत्र नवरात्र’ तक अगले छह महीनों तक जारी रहेगा।प्रदेश के विकास की दिशा में सीएम योगी आदित्यनाथ के एक और मील के पत्थर में उन्होंने उत्तर प्रदेश में रोजगार की सबसे बड़ी खेप खींच ली है ।योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में 600 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाले पहले डाटा सेंटर के हाई-प्रोफाइल प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है।मुंबई का हीरानंदानी ग्रुप ग्रेटर नोएडा में 20 एकड़ में फैले इस डाटा सेंटर का निर्माण करेगा।

हालांकि इस परियोजना से युवाओं, यूपी और अन्य जगहों पर काम करने वाली आईटी कंपनियों के लिए काफी रोजगार पैदा होगा, इससे उन्हें अपना कारोबार करने में भी मदद मिलेगी ।यह अत्याधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस अपनी तरह का पहला डाटा सेंटर पार्क होगा ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रदेश की विकास एवं रोजगार योजना को लेकर अधिकारियों को निर्देश देकर जमीन की व्यवस्था की है।मुंबई के रियल एस्टेट डेवलपर हीरानंदानी समूह, मुंबई, चेन्नई और हैदराबाद में इस तरह के डेटा केंद्र बनाने के बाद अब यूपी में स्थानांतरित हो गया है।कई अन्य कंपनियों ने भी डाटा सेंटर में दिलचस्पी दिखाई है।डाटा सेंटर बनने के बाद दूसरे राज्यों में काम करने वाली कंपनियों को भी यूपी से जोड़ा जाएगा।डाटा सेंटर सेक्टर में निवेश के लिए रैक बैंक, अडानी ग्रुप और अन्य कंपनियों ने यूपी सरकार को 10000 करोड़ रुपये के भारी निवेश का प्रस्ताव दिया है।

चूंकि डाटा सेंटर के लिए बिजली की खपत बहुत ज्यादा है, इसलिए योगी सरकार ने इसके लिए भी प्लान तैयार किया है।सुरक्षित योजना के अनुसार, ओपन एक्सेस से डाटा सेंटर पार्क को बिजली मिलेगी।यह देखने लायक है कि पर्याप्त डाटा सेंटर की कमी के कारण उत्तर प्रदेश सहित देश के सभी हिस्सों से आंकड़े विदेशों में रखे जाते हैं।डाटा सेंटर पार्क बनाने के बाद हम अपने देश में अपने डेटा को सुरक्षित रख सकेंगे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर कुछ समय के लिए देशभर में इस तरह के डाटा सेंटर बनाने की योजना पर काम किया गया है।डाटा सेंटर क्षेत्र में अपार संभावनाओं को देखकर योगी सरकार इसके लिए अलग से नीति भी बना रही है।डाटा सेंटर क्षेत्र में बड़े निवेश में रुचि दिखाने वाली कंपनियों के प्रस्ताव को योगी आदित्यनाथ सरकार की बड़ी औद्योगिक सफलता माना जा रहा है।

डेटा सेंटर की प्रमुख गतिविधियां: एक डेटा सेंटर नेटवर्क से जुड़े कंप्यूटर सर्वर का एक बड़ा समूह है।इसका उपयोग कंपनियों द्वारा बड़ी मात्रा में डेटा भंडारण, प्रसंस्करण और वितरण के लिए किया जाता है।फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, यूट्यूब आदि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लाखों उपभोक्ता हैं।यूपी में और इन उपयोगकर्ताओं से जुड़े डेटा को रखना महंगा और मुश्किल है।इसके अलावा बैंकिंग, रिटेल ट्रेड, हेल्थकेयर, ट्रैवल, टूरिज्म आदि के अलावा आधार कार्ड का डाटा भी लिया गया है।महत्वपूर्ण भी है। यूपी सरकार ने ‘शारदीय नवरात्रि’ से शुरू होने वाला छह महीने का महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम ‘मिशन शक्ति’ शुरू किया है और यह राज्य भर में अप्रैल में ‘चैत्र नवरात्र’ तक अगले छह महीनों तक जारी रहेगा।

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